(खबरें अब आसान भाषा में)
नाज़िम ने अपनी रोज़गार यात्रा की शुरुआत सामाजिक संस्था जोश बसेरा के माध्यम से की. उन्होंने, शहीद राजगुरु कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद हाथ से बने हल्दी के उत्पादों का व्यवसाय शुरू किया और निकली एक नई राह…