विनाश के युग में, जब समाज विभिन्न सामाजिक और आर्थिक संकटों का सामना कर रहा है, तब पश्चिम बंगाल के पांच प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्र अपने खाली समय का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कर रहे हैं। ये छात्र केवल पारंपरिक करियर के बजाय, सामाजिक समस्याओं का समाधान खोजने मे