कर्नाटक हाई कोर्ट ने 5 फरवरी को पार्वती और बिरथी सुरेश के खिलाफ ED के सम्मन पर रोक को 20 फरवरी तक बढ़ा दिया था, जिससे उन्हें लगातार राहत मिली। यह मामला मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) के जमीन आवंटन में कथित गड़बड़ियों के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसमें ED धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत संभावित उल्लंघनों की जांच कर रहा है