(खबरें अब आसान भाषा में)
ब्रोकरेज भी रियल्टी शेयरों पर बुलिश हैं। HSBC का कहना है कि ताजे विश्लेषण से पता चलता है कि वर्तमान में चल रही परियोजनाओं का रियल एस्टेट कंपनियों के कुल ईवी में 40-50 फीसदी हिस्सा है। भविष्य की बिक्री के बिना भी इनका फ्री कैश फ्लो काफी हद तक पॉजिटिव है