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Currency Exchange: लगातार हो रही एफआईआई की निकासी भी घरेलू मुद्रा पर दबाव डाल सकती है। हालांकि, आरबीआई द्वारा किसी भी हस्तक्षेप और कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी से रुपये को निचले स्तरों पर समर्थन मिल सकता है। अब ट्रेडरों की नजर अमेरिका से आने वाले आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई डेटा पर रहेगी