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इस वित्त वर्ष की शुरुआत से कमजोर एसेट क्वालिटी की वजह से कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंकों का कैपिटल पोजीशन घटा है। इसे लेकर रेगुलेटर चिंतित है। वह कुछ बैंकों को अपना कैपिटल पोजीशन बढ़ाने के निर्देश दे सकता है। हाल में स्मॉल फाइनेंस बैंकों के प्रमुखों की आरबीआई के साथ हुई बैठक से इसके संकेत मिले हैं