नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति ने कुछ थोक विक्रेताओं और निर्माताओं के बीच ‘विशेष व्यवस्था’ के माध्यम से एकाधिकार और ब्रांड को बढ़ावा देने का जोखिम पैदा किया, जिससे वितरकों को शराब की आपूर्ति शृ