राजकोट में एक व्यक्ति से कथित रूप से 10 लाख रूपये रिश्वत के तौर पर लेते हुए एक बिचौलिये के पकड़े जाने के बाद मुंबई के एक पुलिसकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गुजरात के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को यह जानकारी दी।
एसीबी ने बताया कि यह बिचौलिया उक्त पुलिसकर्मी की तरफ से रिश्वत ले रहा था। उसने बताया कि मुंबई के मटुंगा थाने के निरीक्षक दिगंबर पागर के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गयी। एसीबी ने बताया कि पागर ने मटुंगा थानाक्षेत्र में हुए एक अपराध के सिलसिले में राजकोट के एक व्यक्ति को अपना बयान दर्ज करने के लिए नोटिस भेजा था।
एसीबी ने कहा, ‘‘पुलिस निरीक्षक की ओर से बिचौलिये जायमिन सावलिया ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और उससे कहा कि उसकी पागर से जान-पहचान है तथा यदि वह चाहता है कि इस नोटिस के बाद उसे गिरफ्तार नहीं किया जाए और परेशान नहीं किया जाए तो वह उसे 10 लाख रुपये दे दे।’’
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और उसने इसलिए एसीबी से संपर्क किया। ब्यूरो के मुताबिक एसीबी अधिकारियों ने जाल बिछाया और सावलिया को शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। फिर एसीबी ने पैसे मिल जाने की सूचना देने के लिए पागर को कॉल की।
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