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सूत्रों के मुताबिक RBI ने Tata Sons से एक लिखित आश्वासन देने को कहा है। इसके तहत, जब टाटा संस अपना NBFC – CIC (कोर इनवेस्टमेंट कंपनी) लाइसेंस सरेंडर करेगा, तो कंपनी भविष्य में किसी भी फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़ी एक्टिविटी में शामिल नहीं होगी, चाहे वह सीधे तौर पर हो या किसी अन्य तरीके से