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गुप्त नवरात्रि वर्ष में दो बार माघ और आषाढ़ मास में मनाई जाती है, जिसमें साधक गुप्त रूप से साधना व अनुष्ठान करते हैं। यह तांत्रिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। राशिनुसार विशेष उपाय करने से देवी कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता आती है