दुनिया भर में संकट-प्रभावित क्षेत्रों में स्कूली आयु के ऐसे बच्चों की संख्या में तेज़ उछाल दर्ज किया गया है, जिन्हें गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए तुरन्त समर्थन मुहैया कराए जाने की आवश्यकता है. आपात हालात और लम्बे समय से जारी संकटों में शिक्षा प्रयासों के लिए वैश्विक कोष (Education Cannot Wait) का कहना है कि इन बच्चों की संख्या 2024 के अन्त तक 23.4 करोड़ तक पहुँच गई, और इसलिए सैन्य ख़र्चों के बजाय विकास में और बम की बजाय स्कूलों में निवेश करना होगा.