“हमने हर तरफ़ बिखरे हुए शव देखे हैं, जो धूप में सड़ रहे हैं,” आपात स्थिति में संचार मामलों के लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम में प्रमुख जोनाथन डूमॉन्ट ने ग़ाज़ा में मौजूदा हालात को कुछ ऐसे बयाँ किया. जोनाथन को दुनिया भर में हिंसक टकराव से ग्रस्त क्षेत्रों में काम करने का अनुभव है, मगर उनका मानना है कि ग़ाज़ा में विनाश और पीड़ा का स्तर बिलकुल अलग है.