समय के साथ उनकी सैलरी फिर बढ़ी। अब मधुरिमा Senior Customer Support Executive के तौर पर काम कर रही हैं और करीब 60 हजार रुपये महीना कमाती हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि वह अब अपने पति के साथ हैदराबाद में रहती हैं और वर्क फ्रॉम होम करती हैं। यानी सरकारी बैंक की 70 हजार रुपये वाली नौकरी छोड़ने के बाद सैलरी भले कुछ कम हुई, लेकिन उनके मुताबिक काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन बेहतर हुआ है। मधुरिमा की कहानी यह सवाल भी उठाती है कि करियर में सिर्फ सैलरी और नौकरी की सुरक्षा ही मायने रखती है या काम का माहौल, समय और निजी जिंदगी का संतुलन भी उतना ही जरूरी है।