Jhansi Fire: उत्तर प्रदेश के झांसी में मेडिकल कॉलेज के NICU वॉर्ड में हुए अग्निकांड में 10 नवजातों की झुलसकर मौत हो गई। वहीं 16 बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज जारी है। झांसी मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशुओं की मौत के मामले में प्रशासन ने जांच के लिए 6 डॉक्टरों का विशेष पैनल गठित किया है।
झांसी अग्निकांड में 10 नवजातों की मौत को लेकर जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने बताया कि 38 बच्चे सुरक्षित और इलाजरत हैं उनमें से कुछ बच्चों का इलाज इसी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है वहीं कुछ बच्चे बाहर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। 7 शवों की पहचान कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है, वहीं तीन शवों की शिनाख्त अभी की जा रही है और एक सबके संबंध में हम अभी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं।
7 शवों की पहचान, 3 की शिनाख्त जारी- जिला मजिस्ट्रेट
जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने बताया जिन बच्चों की पहचान नहीं हो पाई है उन बच्चों के परिजनों से उनके वजन और माप मौजूद हैं उसके आधार पर हम उनकी पहचान की कोशिश कर रहे हैं। जिन बच्चों का रेस्क्यू किया गया उनमें से बर्न इंजरी किसी को नहीं है, उनकी हालत स्थिर है। जो भी बच्चे NICU मैं आते हैं वह मोस्टली सीरियस कंडीशन में ही आते हैं जो उनकी पहले की सीरियस कंडीशन है उनमें से तीन बच्चे थे वह अभी भी सीरियस हैं उन्हें आगे के इलाज के लिए भेज दिया गया है।
आग का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है- जिला मजिस्ट्रेट
अविनाश कुमार ने बताया कि प्रथम दशहरा घटना बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण उत्पन्न हुई लगती है। बाकी की जांच रिपोर्ट कमिश्नर और डीआईजी इसकी जॉइंट रिपोर्ट भेजेंगे और इसकी मजिस्ट्रेट जांच भी हम लोग करेंगे उसके बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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