Pakistan: अक्सर कहा जाता है कि ‘जब अक्ल बंट रही थी तब कहां थे’। अगर इसे ही पाकिस्तान के संदर्भ में कहा जाए तो जवाब होगा कि ‘गंधा बेचने में लगे थे’। क्योंकि गधों की तिजारत से अपनी इकॉनमी चलाने वाले पाकिस्तान के पास खुद की अक्ल नहीं है और इसका सबूत को अब वो खुद पूरी दुनिया को देने