Rbharat Summit 2024: रिपब्लिक भारत समिट में शामिल होकर केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर खुलकर बातचीत की। रिपब्लिक के मंच से उन्होंने जम्मू-कश्मीर की बदलती तस्वीर को लेकर भी चर्चा की।
जम्मू-कश्मीर के चुनाव में 370 एक अहम मुद्दा रहा। 370 को लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, “मुझे ये लगता है कि 370 का विषय अब केवल जनता का नहीं रहा। कोई भी राजनीतिक दल जनता की आवाज से अलग काम नहीं कर सकता। कांग्रेस ने इसपर बात की ही नहीं। कांग्रेस 370 पर खुलकर बोली ही नहीं, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता कि देशभर में कीमत चुकरानी पड़ेगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में अनगिनत अवसर से युवा खुद को वंचित नहीं रखना चाहता। तीन पीढ़ियां आतंक की भेंट चढ़ गई। चुनाव में एक भी अलगावाद का नारा नहीं लगा। करीब 50 साल बाद जम्मू-कश्मीर में 5 साल की सरकार के लिए चुनाव कराया गया। खुलकर लोग भी वोट डालने आए। आम आदमी ये समझने लगा है कि 370 की आड़ में उसको नुकसान हुआ और राजनीतिक स्वार्थ वालों को फायदा हुआ। ”
जम्मू-कश्मीर में 50 साल बाद क्यों हुआ 5 साल की सरकार के लिए चुनाव?
डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, “इंदिरा गांधी ने 1975 में जब इमरजेंसी लगाई, तो संशोधन 42, 43 में ये भी बदला कि लोकसभा विधानसभा का कार्यकाल 5 साल से बढ़ाकर 6 कर दिया गया। तीन ही साल बाद मोरराजी देसाई की सरकार में इसे वापस 5 साल किया गया। हालांकि, जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस थी, शेख अब्दुल्ला थे। उन्होंने 6 साल की कार्यकाल का फैसला तुरंत अपना लिया। लेकिन तीन साल बाद जब इसे वापस लिया गया तो 370 की आड़ में दूसरा कानून नहीं बदला। 370 की पैरवी करने वाले लोगों ने इसका इस्तेमाल किया। आमलोगों का इससे कुछ नहीं।”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र के जिस कानून का लाभ किसी विशेष सत्ताधारियों को होता उसे जम्मू-कश्मीर में अपना लिया जाता था। कांग्रेस की दोहरी नीति लोगों के आगे बेनकाब हो गई। पहले तो कांग्रेस से पूछना चाहिए कि वो 370 के हक में है या नहीं। कश्मीर में कांग्रेस 370 के हक में है, जम्मू में इसके खिलाफ और दिल्ली में कहीं नहीं है। कांग्रेस गठबंधन में है। उसे चुनाव से पहले ही ये साफ करना चाहिए था।
जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर क्या बोले डॉ जितेंद्र सिंह?
जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा, बीजेपी अब अछूत नहीं है। पहले की तुलना में, जिन्होंने पिछला जमाना देखा है, एक दौर था, जब घाटी में भाजपा का झंडा उठाने वाला कोई नहीं था। हमें ढूंढ़कर पदाधिकारी निकालना पड़ता था। आज घर-घर में भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद हैं। इस चुनाव में हमारा वोट शेयर NC से ज्यादा है। घाटी में पहले बीजेपी के वोट शेयर मात्र डेढ से दो फीसदी होते थे, लेकिन अब बढ़कर 6 फीसदी हुई। इसका मतलब ये है कि कश्मीर घाटी में भी हमें वोट मिला।
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