(खबरें अब आसान भाषा में)
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने खाने पर होने वाले खर्च की आड़ में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की और राज्य के खिलाड़ियों को जो सुविधाएं देने का वादा किया गया था, वो कभी पूरा नहीं हुआ.