वर्ष 2025 के दौरान, जहाँ विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाओं में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में उछाल दर्ज किया गया, वहीं विकासशील देशों में इसमें गिरावट नज़र आई है. संयुक्त राष्ट्र के आरम्भिक अनुमान के अनुसार, वैश्विक स्तर पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 14 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया और पिछले साल, यह बढ़कर 1,600 अरब डॉलर तक पहुँच गया.