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ओला, उबर और रैपिडो की पैरेंट कंपनियों – एनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर राज्य सरकार को निर्देश देने की मांग की थी कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत पीले नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सियों को परिवहन वाहनों की तरह मान्यता दी जाए