(खबरें अब आसान भाषा में)
पिछले कुछ वर्षों से BRICS के कुछ सदस्य देश, विशेष रूप से रूस और चीन, अमेरिकी डॉलर का विकल्प तलाश रहे हैं या अपनी BRICS करेंसी बनाना चाहते हैं। भारत अब तक इस कदम का हिस्सा नहीं रहा है। भारत का कहना है कि वह डी-डॉलराइजेशन यानि कि डॉलर को रिप्लेस करने के खिलाफ है