इस उम्र तक पहुंचते-पहुंचते, रिटायरमेंट अब कोई दूर की बात नहीं रह जाती। बच्चों की स्कूल-कॉलेज की फीस, होम लोन की किस्तें और माता-पिता की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें आपकी मासिक आय का एक बड़ा हिस्सा ले सकती हैं। ऐसे में अगर आपको जल्द ही पैसों की जरूरत पड़े और आपके निवेश की वैल्यू में भारी गिरावट आ जाए, तो स्थिति को संभालना मुश्किल हो सकता है। 40 के दशक के आखिर में चल रहे लोग अपनी कुल रकम का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी में लगाने पर विचार कर सकते हैं, जबकि बाकी हिस्सा फिक्स्ड-इनकम प्रोडक्ट्स और लिक्विड सेविंग्स में रखा जा सकता है। यह सिर्फ एक उदाहरण है। जिस व्यक्ति के पास पेंशन या कोई पक्की आय का साधन है, वह उस व्यक्ति की तुलना में अधिक जोखिम उठा सकता है, जिसे रिटायरमेंट के बाद मुख्य रूप से इसी पैसे पर निर्भर रहना है।