(खबरें अब आसान भाषा में)
किसान ने कर्ज चुकाने के लिए अपनी जमीन, ट्रैक्टर और घर का कीमती सामान बेच तक दिया, लेकिन यह काफी नहीं था। जब कर्ज फिर भी बकाया रहा, तो साहूकारों में से एक ने कुडे को अपनी किडनी बेचने की सलाह दी। इसके बाद एक एजेंट के जरिए वह कोलकाता गया, वहां उसने जांच करवाई और फिर कंबोडिया चला गया