अदालत ने पिता पर तीन लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि अगर यह राशि उससे वसूल हो जाए, तो वो पैसा उसकी बेटी को दे दी जाए। अदालत ने कहा कि अगर जुर्माना नहीं भरा गया, तो दोषी को और छह साल की अतिरिक्त कैद की सजा काटनी होगी। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को बच्ची को पर्याप्त मुआवजा देने का भी निर्देश दिया