संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने आगाह किया है कि हेती में आपराधिक गुटों की हिंसा की वजह से स्थानीय आबादी अपार पीड़ा में जीवन गुज़ारने के लिए मजबूर हैं, और आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है. असुरक्षा और अस्थिरता का सामना कर रहे लगभग 13 लाख लोग बेघर हो गए हैं, जिनमें एक बड़ी संख्या बच्चों की है. 60 लाख से अधिक लोग मानवीय सहायता पर निर्भर हैं.