(खबरें अब आसान भाषा में)
एक साल से भी कम समय पहले, हर्षित राणा पर्थ की एक मशहूर जीत में अपनी भूमिका के लिए लाखों लोगों की नज़रों में थे. अब, वह एक ‘कोटा’ चयन बन गए हैं. मजाक, मीम्स और गालियों का निशाना, अब सवाल बड़ा ये है कि क्या बाकी खिलाड़ियों की तरह वो भी टीम में सेटल होने के लिए टाइम डिसर्व करते हैं या नहीं.