ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के भरतपुर पुलिस थाने में हिरासत में कथित रूप से प्रताड़ित किए गए सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर बृहस्पतिवार को मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के समक्ष पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया। आयोग के सचिव सुवेंदु मोहंती ने बताया कि आयोग ने सेना अधिकारी, उनकी मंगेतर, आरोपी पुलिस अधिकारियों और कुछ छात्रों सहित 16 लोगों को पेश होने के लिए बुलाया है।
उन्होंने बताया कि सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर समेत कई लोग व्यक्तिगत रूप से न्यायमूर्ति चितरंजन दास (सेवानिवृत्त) आयोग के समक्ष पेश हुए, जबकि अन्य लोगों का प्रतिनिधित्व उनके वकीलों ने किया। आयोग द्वारा अगली सुनवाई की तारीख 30 नवंबर तय की गई है।
भरतपुर पुलिस थाने का दौरा कर सकता है आयोग
मोहंती ने बताया कि आयोग भरतपुर पुलिस थाने का दौरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि आयोग को इस घटना के संबंध में 500 से अधिक हलफनामे मिले हैं।
निलंबित प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) दिनाकृष्ण मिश्रा और अन्य चार पुलिसकर्मी न्यायिक आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। उनके वकीलों ने आयोग के समक्ष उनका प्रतिनिधित्व किया।
आरोप है कि भुवनेश्वर के भरतपुर पुलिस थाने में 15 सितंबर को उस समय अधिकारी को प्रताड़ित किया गया और उनकी मंगेतर के साथ यौन उत्पीड़न किया गया, जब वे छात्रों से जुड़ी एक रोड रेज घटना की शिकायत दर्ज कराने गए थे।
राज्य सरकार ने सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए आयोग नियुक्त किया है।
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