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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘यह संदेश दिया जा रहा था कि भारत की धीमी विकास दर किसी न किसी तरह हिंदू सभ्यता का ही परिणाम है। और जो लोग आज हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देते हैं, उन्हें उस समय इस पर कोई आपत्ति नहीं थी। यह संज्ञा किताबों और शोध पत्रों का हिस्सा बन गई