(खबरें अब आसान भाषा में)
ग़ाज़ा पट्टी में इस बीमारी से पीड़ित मरीज़ों ने बुधवार, 4 फ़रवरी, को ‘विश्व कैंसर दिवस’ पर अपनी व्यथा को बयाँ करते हुए कहा है कि उनकी स्थिति बिगड़ रही है, दर्द का इलाज नहीं हो पा रहा है और बेहतर इलाज के लिए बाहर जाने के रास्ते बन्द हैं.