(खबरें अब आसान भाषा में)
इसके बावजूद ट्रंप ने नाटो पर अपनी शंका दोहराई। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी को अच्छी तरह जानता हूं, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि वे हमारे लिए खड़े होंगे। हम इतना पैसा खर्च करते हैं, इतना बलिदान देते हैं- खून, पसीना और आंसू- फिर भी मुझे नहीं लगता कि जरूरत पड़ने पर वे हमारे साथ होंगे