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अजीत डोभाल ने सीमा पार के खतरों को नाकाम करने में भारत की क्षमता और तकनीकी कौशल पर गर्व करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सटीकता इस स्तर की थी कि भारत को पता था कि कौन कहां है। उन्होंने कहा कि पूरा अभियान सात मई को रात एक बजे के बाद शुरू हुआ और मुश्किल से 23 मिनट तक जारी रहा