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अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने, हड़ताल का अधिकार अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत संरक्षित है या नहीं, इस मुद्दे पर सुनवाई शुरू की है. यह पहला अवसर है जब दुनिया की सर्वोच्च अदालत से, कर्मचारियों के अधिकारों और नियोक्ताओं के हितों के बीच सन्तुलन पर राय मांगी गई है.