(खबरें अब आसान भाषा में)
चीन के इस रुख से मशीनरी, मिनरल और टेक्निकल स्टाफ की सप्लाई में देरी हो रही है। इस देरी के कारण प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ी है जिससे कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है। चीन से पाबंदियों पर कोई लिखित नोटिफिकेशन नहीं जारी किया गया है। सिर्फ मौखिक निर्देश से सप्लाई रोकने की कोशिश हो रही है