(खबरें अब आसान भाषा में)
ट्रायल के लिए कंपनी को भारत के अंदर अपना गेटवे लगाना होगा। इसके लिए सरकार कंपनी को प्रोविजनल स्पेक्ट्रम जारी करेगी। कंपनी को सभी एजेंसियों को सेवाओं का टेस्ट करना होगा। कंपनी को इसी हफ्ते इन-स्पेस से मंजूरी मिल सकती है। सेवाएं शुरू करने के लिए कंपनी को 1-2 महीने लग सकते हैं