(खबरें अब आसान भाषा में)
दुनिया भर में अब भी करोड़ों लोग भूखे पेट सोने को विवश हैं मगर यूएन एजेंसियों का कहना है कि अगर विशालकाय सैन्य ख़र्च का केवल एक प्रतिशत धन भी खाद्य सुरक्षा पर ख़र्च किया जाए, तो किसी को जीवित रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन के लिए तरसना नहीं पड़ेगा.