(खबरें अब आसान भाषा में)
ऐसी कंपनी जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन इश्यू के बाद 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगी, उसकी मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग 15 फीसदी कम होने पर उसे एमपीएस के इस लेवल को 5 साल में हासिल करना होगा। 25 फीसदी मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियम का पालन करने के लिए उसे 10 साल का समय लगेगा