सूडान में पिछले साल अक्टूबर में, अल फ़शर की 1.5 साल तक घेराबन्दी के बाद, अर्द्धसैनिक बल (RSF) ने शहर पर नियंत्रण के लिए अपने अन्तिम हमले के दौरान ऐसी भयावह हिंसा की लहर को अंजाम दिया, जोकि बहुत बर्बर और स्तब्धकारी है. यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने शुक्रवार को जारी अपनी एक नई रिपोर्ट में कहा है कि व्यापक पैमाने पर ढहाए गए इन अत्याचारों को युद्ध अपराध व मानवता के विरुद्ध अपराधों की श्रेणी में रखा जा सकता है.