(खबरें अब आसान भाषा में)
सूडान में 900 दिनों से ज़्यादा के क्रूर युद्ध, मानवाधिकारों के व्यापक उल्लंघन, अकाल और आवश्यक सेवाओं के पतन ने देश में लाखों लोगों को अस्तित्व का अन्त हो जाने के निकट पहुँचा दिया है, और महिलाओं व बच्चों पर इसका सबसे ज़्यादा प्रभाव है.