महिलाओं, लड़कियों व अल्पसंख्यकों पर पाबन्दियाँ. सहायता धनराशि में कटौती. आर्थिक बदहाली व निर्धनता. सूखा, भूकम्प, जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी चुनौतियाँ. और पड़ोसी देशों से लौट रहे अफ़ग़ान नागरिक. अफ़ग़ानिस्तान में यूएन महासचिव की विशेष प्रतिनिधि ने आगाह किया है कि आपस में गुंथे हुए संकटों से जूझ रहे देश की आबादी गहरी पीड़ा से गुज़र रही है.