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यमन के दक्षिणी हिस्से का भविष्य न तो कोई एक पक्ष ही तय कर सकता है और न ही इसे बल प्रयोग के ज़रिए थोपा जा सकता है. यमन के लिए विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने बुधवार को सुरक्षा परिषद की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस जटिल और लम्बे समय से जारी मुद्दे को यमनी जनता द्वारा ही हल किया जाना होगा.