सेबी ने कहा था कि यस बैंक ने इस बॉ़न्ड्स को बेचने से पहले इससे जुड़े रिस्क के बारे में अपने ग्राहकों को नहीं बताया था। यहां तक कि ये बॉन्ड्स सीनियर सिटीजंस तक को बेचे गए थे। जनवरी 2023 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉन्ड्स राइट-ऑफ करने के फैसले को खारिज कर दिया था। इसके बाद यस बैंक ने मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस माले में अपना फैसला सुनाया है।