सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र जाँच आयोग की एक नई रिपोर्ट में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद के शासनकाल में असहमति के स्वरों को दबाने के लिए लोगों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने, बन्दियों को यातना देने और जबरन गुमशुदगी के मामलों पर विस्तार से जानकारी साझा की गई है. आयोग के अनुसार इनमें से अनेक मामलों को युद्ध अपराध व मानवता के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में रखा जा सकता है.