विधायकों ने साफ कहा, “यह सिर्फ एक ही मुद्दे को लेकर किया गया प्रयास है। हम करीब 30 सदस्य यहां आए हैं और हमारी एकमात्र मांग कर्नाटक सरकार की कैबिनेट में फेरबदल करना है।” पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, अगर पार्टी आलाकमान इस फेरबदल के लिए सहमत हो जाता है, तो यह सिद्धारमैया के नेतृत्व में स्थिरता का संकेत माना जाएगा