Unnatural Death Of Tigers: पर्यावरण मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2021 से शिकार सहित अप्राकृतिक कारणों से 71 बाघों की मौत हो गई और इस साल अब तक एक बाघ अप्राकृतिक कारणों से मारा गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि 2021 के बाद से मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 20 मौतें हुईं, इसके बाद महाराष्ट्र (15) और कर्नाटक (4) का स्थान रहा। मंत्री द्वारा अपने जवाब में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में 20 बाघों की मौत हुई, जबकि 2022 में 25 की मौत हुई।
2023 में 25 बाघों की मौत की सूचना मिली, जबकि इस साल अब तक अप्राकृतिक कारणों से एक बाघ की मौत की पुष्टि हुई है। सिंह ने कहा कि देश में बाघों की संख्या प्रति वर्ष 6 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।
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