विश्व की लगभग 15 प्रतिशत आबादी विकलांगजन की है, जोकि वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े अल्पसंख्यक समूहों में हैं. विकलांगजन की उद्यमिता और नेतृत्व से न केवल रोज़गार के अवसर बढ़ सकते हैं, बल्कि कार्यस्थलों को भी सही मायनो में समावेशी बनाया जा सकता है. सस्ती और प्रभावी सहायक तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपना कर, विकास प्रयासों में उनकी भागेदारी को प्रोत्साहित किया जा सकता है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन ने सामाजिक विकास में विकलांगजन के योगदान के प्रति जागरुकता बढ़ाने के इरादे से मंगलवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया. इस चर्चा का वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए.