संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि म्याँमार के जातीय रोहिंज्या लोगों की दुर्दशा लगभग आठ साल पहले की भीषण स्थिति से और भी बदतर हो गई है, जब लाखों लोगों को उत्पीड़न से बचकर, बांग्लादेश में शरण लेनी पड़ी थी. संयुक्त राष्ट्र ने उनकी मदद के लिए 93.45 करोड़ डॉलर रासि की अपील जारी करते हुए यह चेतावनी जारी की है.