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सरसों के तेल को गर्म और टॉक्सिन को दूर करने वाला माना जाता है। सर्दियों के मौसम मैं शरीर में वात दोष बढ़ता है, जिससे जिससे रूखापन, अकड़न और ऊर्जा की कमी महसूस होती है। प्राचीन काल से नाभी में सरसों का तेल लगाने की परंपरा चली आ रही है क्योंकि नाभी को शरीर का ऊर्जा केंद्र माना जाता है।