Uttar Pradesh News: अफजाल अंसारी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिए बयान पर बवाल थमा नहीं कि समाजवादी पार्टी के सांसद की एक और टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। गांजा और साधु-संतों पर अफजाल अंसारी के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने इस बार अपने बयान में कहा है कि बहुत सारे साधु-संत और महात्मा गांजा बड़ा शौक से पीते हैं। बड़े-बड़े धार्मिक आयोजनों में लोग गांजा पीते हैं। किसी भी मठ में जाकर देख लीजिए। इसे बीजेपी के सांसद बाबूराम निषाद ने सनातन का अपमान करार दिया है।
अफजाल अंसारी की टिप्पणी पर बाबूराम निषाद ने कहा, ‘अफजाल अंसारी होश में आएं और सनातन परंपरा का अपमान करने वाली बयानबाजी बंद करें, वरना जिस तरीके से गांजे को रगड़ा जाता है, सरकार दिल्ली और लखनऊ में ऐसी है, सनातन का अपमान करने पर वैसे ही धर के रगड़ देगी। बीजेपी सांसद ने कहा कि सनातन परंपरा के लोग किसी का अपमान नहीं करते। किसी के धर्म पर कोई टीका टिप्पणी नहीं करते हैं। बाबूराम निषाद ने आगे कहा, ‘ये लोग (अफजाल अंसारी) जो करते हैं उनको होश में आ जाना चाहिए। सनातन के लोग आहत हुए तो मुश्किल हो जाएगी।’
अफजाल अंसारी ने साधु-संतों पर क्या कहा?
अफजाल अंसारी ने अपने बयान में कहा कि गांजा अवैध है। हम मांग करते हैं कि गांजा को कानून का दर्जा देकर वैध कर दो, लेकिन कानून का इतना बड़ा मखौल क्यों उड़ाते हो। गांजा पीने वाले लाखों-करोड़ों लोग खुले में गांजा पी रहे हैं। पूरी महफिल लगाकर लोग गांजा पीते हैं। इसी बीच सपा सांसद ने साधु-संतों का जिक्र किया।
अफजाल अंसारी ने कहा, ‘बड़े-बड़े धार्मिक आयोजनों में लोग गांजा पीते हैं। ये लोग उसे भगवान का प्रसाद और बूटी बताकर पीते हैं। अगर ये भगवान का प्रसाद है तो अवैध क्यों है और इसे कानून में मान्यता क्यों नहीं देते। प्रदेश की राजधानी में भकाभक लोग पी रहे हैं। किसी भी मठ में जाकर देख लीजिए।’ अफजाल अंसारी ने आगे कहा कि अभी कुंभ लगने जा रहा है। अगर वहां गांजा की मालगाड़ी भी चली जाएगी तो वो भी खत्म हो जाएगी। बहुत सारे साधु-संत और महात्मा गांजा बड़ा शौक से पीते हैं। कहते हैं कि इसको पीने से खूब लगती है और ये स्वास्थ्य के लिए ठीक है। सपा सांसद ने आगे कहा कि हमारी मांग है कि इसे कानून का दर्जा दे दिया जाए।
यह भी पढ़ें: नेमप्लेट विवाद: मायावती मैदान में कूदीं, सरकार के फैसले का विरोध