दो दशकों से ज्यादा के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में स्मृति ईरानी ने बतौर केंद्रीय मंत्री अपनी छाप छोड़ी। संसद के पटल से लेकर प्रवक्ता और स्टार प्रचारक के तौर पर पार्टी की एक अनुशासित सिपाही रहीं। 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद स्मृति ईरानी ने ये फैसला कर लिया कि अब उन्हें वापस वहीं जाना है जहां से पूरे देश के साथ उनका एक भावनात्मक जुड़ाव हुआ था