संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) ने कहा है कि श्रीलंका में मानवाधिकार उल्लंघन, दुर्व्यवहार मामलों, और इन चुनौतियों से निपटने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति व प्रगति के संकेत दिखाई दिए हैं, लेकिन देश की सरकार को न्याय, जवाबदेही और राष्ट्रीय मेलमिलाप को सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे.