अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के एक नए विश्लेषण के अनुसार, श्रमिक आय में वृद्धि के रुकने और बड़ी संख्या में युवजन के रोज़गार, शिक्षा और प्रशिक्षण के दायरे से बाहर होने की वजह से असमानता में बढ़ोत्तरी हो रही है. मौजूदा हालात में टिकाऊ विकास लक्ष्यों को 2030 तक हासिल करने की समयसीमा के बावजूद, इस दिशा में धीमी प्रगति हो रही है.